आध्यात्मिक दृष्टिकोण से एक अमूल्य अनमोल रचना माँ की शक्ति करुणा न्याय और संरक्षण का दिव्य आह्वान Aadhyaatmik Drshtikon Se Yek Amuly Anamol Rachana achana Maa Kee Shakti Karuna Nyaay Aur Sanrakshan Ka Divy Aahvaan #Halendra Prasad,
माँ शक्ति की भक्ति करुणा न्याय और संरक्षण की पुकार है। जब संसार में दुख पाप और अन्याय बढ़ते हैं और भक्त का हृदय व्यथित होता है तब वह माँ से रक्षक बनकर आने की प्रार्थना करता है। माँ अपने विविध रूपों काली दुर्गा चंडी लक्ष्मी भैरवी चामुण्डा और सरस्वती में प्रकट होकर अधर्म का नाश करती हैं शक्ति व साहस देती हैं कल्याण और समृद्धि प्रदान करती हैं तथा ज्ञान और विवेक का प्रकाश फैलाती हैं। माँ का रौद्र स्वरूप दुष्टों का संहार करता है वहीं उनका मातृत्व रूप करुणा प्रेम और ममता से भक्तों को संबल देता है। वे सत्य धर्म और न्याय की प्रतीक हैं और संकटों का हरण करती हैं। माँ की शक्ति का गुणगान केवल मनुष्य ही नहीं संपूर्ण प्रकृति करती है।यह स्तवन माँ के सर्वव्यापी करुणामयी और शक्तिशाली स्वरूप का चित्रण है जिसमें संसार के कल्याण और टूटे हृदय की शांति के लिए माँ शक्ति का आह्वान किया गया है।
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से एक अमूल्य अनमोल रचना माँ की शक्ति करुणा न्याय और संरक्षण का दिव्य आह्वान Aadhyaatmik Drshtikon Se Yek Amuly Anamol Rachana achana Maa Kee Shakti Karuna Nyaay Aur Sanrakshan Ka Divy Aahvaan #Halendra Prasad,
माँ की शक्ति की भक्ति करुणा और संरक्षण की पुकार है। जब भक्त के टूटे हुए हृदय की पुकार और संसार के दुख अन्याय और पीड़ा को देखकर भक्त माँ दुर्गा से रक्षक और संरक्षिका बनकर आने की विनती करता है तो माँ के कोमल रौद्र करुणामयी और न्यायप्रिय सभी रूपों का सुंदर समन्वय बन जाती है और माँ भक्त के हृदय में वाश करने लगती है!
जब मनुष्य का हृदय संसार की पीड़ा पाप और अत्याचार को देखकर मनुष्य का हृदय टूटने लगा तो मनुष्य माँ से विनती करता है कि माँ रक्षक बनकर आए और इस संसार की रक्षा करे। माँ काली रूप में आए दुर्गा रूप में आए लक्ष्मी रूप में आए चामुण्डा और भैरवी रूप में संरक्षिका बनकर पूरी श्रृष्टि की रक्षा करे!
माँ काली अधर्म का नाश करती है माँ दुर्गा चंडी शक्ति और साहस भरती है माँ लक्ष्मी कल्याण और समृद्धि देती है और माँ भैरवी और चामुण्डा दुष्टों का संहार करती है जिनकी गुणगान वेद और पुराणों के द्वारा महिमा गाई गई जाती है और याही माँ मनुष्य जीवन की आशा और विश्वास है।
जब माँ का मातृत्व रूप सामने आता है तो माँ का कोमल कोमल प्रेमी करुणा की सागर से वोतप्रोत कर देता है माँ की वह तलवार धारण करने वाली भयावह रूप भी प्रेम दया व करुणा की सागर से भर देता है और कुदरत भी माँ की गुणगान गाने लगता है माँ की शक्ति की केवल मनुष्य को ही नहीं बल्कि संपूर्ण प्रकृति सूर्य प्रकाश ऊर्जा सब माँ की शक्ति को प्रमाण करते हैं।
माँ सत्य न्याय और धर्म का प्रतीक है माँ संकटों को हरने वाली है भय और पाप को नष्ट करने वाली है महाकाल है ज्वाला है जब अधर्म बढ़ता है तब माँ महाकाल रौद्र रूप धारण कर और ज्वाला बनकर दुष्टों का अंत करती है।
जब माँ का संवेदनशील और स्नेहमयी रूप को उभारती है तो माँ अपने बच्चों और भक्तों की भावनाओं को समझ लेती है।क्योंकि माँ सरस्वती बनकर वीणा बजा कर गाती है और प्रेम की करुणा बरसाती है माँ केवल शक्ति ही नहीं बल्कि ज्ञान और विद्या की देवी भी है। सरस्वती रूप में वह अज्ञान का नाश करती है। और फूल सुगन्ध हवा बनके माँ दिल के अन्दर विराजमान रहती है क्योंकि माँ अदृश्य होकर भी हर हृदय में हर सांस में विद्यमान है।
भक्ति और वेदना की अभिव्यक्ति है माँ के सर्वव्यापी स्वरूप का चित्रण हैमाँ यह संदेश देती है कि माँ शक्ति भी है करुणा भी न्याय भी और ममता भी क्योंकि भक्तों का हृदय माँ में ही आशा शांति और संरक्षण खोजता है।
जब कोई भक्त हृदयस्पर्शी की पुकार से माँ को पुकारता है तो माँ संसार में फैले दुख पाप अन्याय और कष्टों को देखकर व्यथित हृदय के टूटन को समझ लेती है उड़ाने शक्ति से रक्षक और संरक्षिका बनकर प्रकट हों कर संसार में फैले दुख पाप अन्याय और कष्टों का विनाश करती है!
माँ के विभिन्न सुन्दर दिव्य रूप है काली दुर्गा लक्ष्मी चंडी भैरवी सरस्वती मुण्डेश्वरी विंधाचली महाकाली माँ दुष्टों का संहार करने वाली शक्ति हैं तो कहीं करुणा प्रेम और ममता की सागर भी है जो सत्य न्याय और धर्म की प्रतीक हैं !
भक्तों के दुखों को समझकर माँ उन दुखों से मुक्त करनेवाली देवी है माँ की शक्ति का गुणगान केवल मनुष्य ही नहीं करता बल्कि पूरी प्रकृति करती है। माँ ज्ञान साहस प्रकाश और शांति का स्रोत हैं। माँ बच्चों और भक्तों की भावनाओं को जानती हैं और स्नेह, दया तथा कृपा से उनके जीवन को संवारती हैं। माँ के सर्वव्यापी, करुणामयी और शक्तिशाली स्वरूप का भक्ति-भाव से किया गया स्तवन है जिसमें संसार के कल्याण और अपने टूटे हृदय की शांति के लिए माँ का आह्वान किया जाता है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें