यह गीत में साधक माँ के आगमन से दिल में शांति और सुख का अनुभव प्रकृति की सुंदरता और उजाले का वर्णन करते हुए माँ से शक्ति बुद्धि प्रेम और आशीर्वाद की कामना करते हुये साधक माँ के ईश्वर की रूप में का वर्णन करता है माँ से होने वाले मानसिक शांति प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक ऊर्जा का उत्सव मानते हुए सुबह में माँ से प्रार्थना करता है और कहता है कि हे माँ तुम्हारी कृपया हमारे द्वार पर सूर्य की तरह प्रवेश करो तुम्हारी उपस्थिति से माँ जीवन में नई ऊर्जा और उजाला आए भक्तों को समर्पण और आध्यात्मिक आनंद का उत्सव मिले! भोजपुरी भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, दिल के शान्ति सिन्धु में देख उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना, Dil Ke Shnti Sidhu Men Dekh Uthal Ba Lahariya Miya Bhorwe Bhorwe Naa, Writer ✍️ #Halendra Prasad

 गीत=} #दिल के शान्ति सिन्धु में देख उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना 

  #Dil Ke Shnti Sidhu Men Dekh Uthal Ba Lahariya Miya Bhorwe Bhorwe Naa 

            Writer ✍️ #Halendra Prasad 

    BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏

       🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏

                  की दिल के शान्ति सिन्धु में देख 

            उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना

                    कि हो मईया भोरवे भोरवे ना

      की मैईया आव ना हो दुवरिया हमरा भोरवे भोरवा ना

            चिरई के बोली से पूरा जग चहचहाला हो

              सुन्दर सवेरा देखके दिल गुनगुनाला हो

            चारों ओर फूल खिले सुमन के सब डाली में 

         कोमल कोमल पत्तियों में कोमल अंग विहानी के

                   की दिल के शान्ति सिन्धु में देख 

              उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना

                     कि मईया हो भोरवे भोरवे ना

      की मैईया आवना हो दुवरिया हमरा भोरवे भोरवा ना


               चारों ओर छईले बा माई अजबे उजाला हो

               सोना जईसा रंग दिखे हमके सब आला हो

              कीमती अमूल्य अनमोल बिखरे वो रोशनी 

               जगमग करदे माई दिल के हमार सोचनी 

                चारों दिशाओं में माई बादल मंडराया हो 

               देख देख के दिल हमार तोहके बुलाया हो

                     की दिल के शान्ति सिन्धु में देख 

               उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना

                      कि मईया हो भोरवे भोरवे ना

        की मईया आवना हो दुवरिया हमरा भोरवे भोरवा ना


                चुपचाप न रह जाला सुबह के सुघराई पे

                 हम चली पवन साथे तोहरा दुआरी पे

                बल बुद्धि शक्ति माई देद हमके ज्ञान हो

              आचारा पसार के मांगी देद हमके प्यार हो

              धन दौलत चाही नाही चाही तोहार दर्शन

                हथवा अंहार बा माई देद कवनों बरतन 

                    की दिल के शान्ति सिन्धु में देख 

               उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना

                      कि मईया हो भोरवे भोरवे ना

        की मईया आवना हो दुवरिया हमरा भोरवे भोरवा ना


               मधुर खुशी के गान से तोहरा के मनाई हम

                गाई तोहार गीत मईया पचरा सुनाई हम

              खोलद केवड़ दिल के अईनी तोहरा पास हो

                पुजिला चरणीया मईया धोई घर द्वार हो

              उलझन मिटाद माई हमरा दिल के हाल के

             मनीला हम सब कुछ तोहके दिलवे प्यार में

                    की दिल के शान्ति सिन्धु में देख 

               उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना

                      कि मईया हो भोरवे भोरवे ना

        की मईया आवना हो दुवरिया हमरा भोरवे भोरवा ना

गीत=} #दिल के शान्ति सिन्धु में देख उठल बा लहरिया मईया भोरवे भोरवा ना 

  #Dil Ke Shnti Sidhu Men Dekh Uthal Ba Lahariya Miya Bhorwe Bhorwe Naa 

            Writer ✍️ #Halendra Prasad 

    BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_

मेरी_माँ ♥️🙏

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टिप्पणियाँ

मेरी हृदय मेरी माँ

अहंकार और इच्छाओं का त्याग करके सच्चे समर्पण और भक्ति से ही भगवान का अनुभव और जीवन का परम आनंद प्राप्त होता है क्योंकि यह भक्ति-गीत एक साधक की भगवान के प्रति गहरी पुकार जिज्ञासा और समर्पण को दर्शाता है वह बार-बार भगवान को याद करता है और उनकी लीला को समझना चाहता है लेकिन उसे स्पष्ट अनुभव नहीं हो रहा इसलिए वह प्रश्न करता है भक्त भगवान से प्रार्थना करता है कि उसका अहंकार भय स्वार्थ और चिंता मिटा दें और उसे अपने प्रेम व दिव्यता में लीन कर दें वह स्वीकार करता है कि इच्छाएँ और मोह उसे भ्रमित करते हैं और सच्चे ज्ञान से दूर कर देते हैं सच्चा आनंद और शांति केवल भगवान में ही है इसलिए वह उनसे आत्म-शुद्धि और ब्रह्म में विलीन होने की प्रार्थना करता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,भगवन कैसी तेरी लीला तू दिखाता काहे ना, #Bhagawan Kaisi Teri Lila Too Dikhata Kahe Naa, Writer ✍️ #Halendra Prasad ,

यह गीत जीवन के परिवर्तन आत्मचेतना और भगवान के रहस्य को समझने की एक आध्यात्मिक खोज को व्यक्त करता है।कवि इस गीत के माध्यम से भगवान से प्रश्न करता है कि वह पागल नहीं है बल्कि जीवन और चेतना के गहरे रहस्यों को समझने की कोशिश में भटक रहा है। संसार हर पल बदलता रहता है सुख-दुःख आशा-निराशा जन्म-मरण सब आते-जाते रहते हैं। मनुष्य बाहर की दुनिया को आँखों से देखता है लेकिन असली सत्य मन आत्मा और चेतना के भीतर छिपा है। यह जीवन कोई स्थिर चीज नहीं है बल्कि लगातार बदलने वाली प्रक्रिया है। जो व्यक्ति इस परिवर्तन को स्वीकार कर लेता है और भीतर की चेतना को समझने का प्रयास करता है वही जीवन के सच्चे अर्थ को जान पाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, भटका चेतना के सागर में ना मैं पागल भगवन, #Bhatka Chetna Ke Saagar Mein Na Main Paagal Bhagwan, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

यह रचना बताती है कि अत्यधिक सोच और अतीत में जीना मनुष्य को उलझन में डाल देता है जबकि विश्वास संतुलन और वर्तमान में जीना जीवन को सरल बनाता है कवि अपने मन की बेचैनी यादों निर्णयहीनता और मानसिक संघर्ष को माँ के सामने व्यक्त करता है। कवि बीती हुई बातों और पुरानी यादों में इतना उलझ गया है कि उसे रातों में नींद नहीं आती और वह सही-गलत तथा जीवन के प्रश्नों में खो जाता है कवि हर बात को बहुत गहराई से सोचता है, जिसके कारण वह छोटे-छोटे निर्णय भी नहीं ले पाता। यादें उसके मन को बार-बार विचलित करती हैं और उसकी कार्यक्षमता रुक जाती है। अंत में वह अपनी माँ से मार्गदर्शन, शांति और सहारा माँगता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, बड़ी उलझन में फंसी है मेरी प्राण रे माई #Badi Uljhan Men Fanshi Hai Meri Pran Re Mai,, Writer ✍️ #Halendra Prasad ,

यह रचना गुरु-भक्ति वैराग्य और आत्मज्ञान का सुंदर संदेश देती है कि संसार का सुख क्षणिक है जबकि गुरु का ज्ञान ही सच्ची मुक्ति का मार्ग है क्योंकि यह भक्ति गीत संसार की मोह-माया, धन, रूप, आकर्षण और वासना के जाल से सावधान करता है। गीत में मोह-माया को नागिन के रूप में दर्शाया गया है जो मनुष्य को सुंदरता और लालच के माध्यम से अपने बंधन में बाँधकर दुख देती है। मोह में फँसा इंसान भीतर से टूट जाता है और जीवन का सही मार्ग खो देता है गीत का मुख्य संदेश यह है कि केवल सच्चे गुरु की शरण और उनके उपदेश ही मनुष्य को इस भ्रमजाल से मुक्त कर सकते हैं। गुरु की निर्मल वाणी, ज्ञान और कृपा आत्मा को शांति प्रदान करती है तथा जीवन को सही दिशा देती है।सीआध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,मोह माया से मुक्त करते है सुने जो कहानी, #Moh Maya Se Mukt Kayre Hai Sune Jo Kahani, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना,मानव और ब्रह्मांड की एकता का अनुभव, Manav Aur Brahmand Ki Ekta Ka Anubhav,

संघर्ष संतुलन और अवसर की खोज जीवन अवसर नहीं, चेतना की यात्रा, Sangharsh Santulan Aur Avasar Ki Khoj Jeevan Avasar Nahin, Chetna ki Yatra,

यह गीत जीवन के दर्द धोखे और अकेलेपन की भावना को व्यक्त करता है। कवि कहते हैं कि आज दुनिया दुख को नहीं समझ रही है और उसे एक तमाशा समझती है लेकिन एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब लोग उनके दर्द को समझेंगे और पछताएँगे क्योंकि जीवन में कई लोग अपने स्वार्थ और गलत सोच के कारण दूसरों का दिल तोड़ देते हैं। इंसान कई बार अपने ही लोगों से ठोकर खाकर अकेला रह जाता है। फिर भी जीवन का विश्वास है कि जीवन में नफरत नहीं बल्कि प्रेम दया और करुणा ही सबसे बड़ी शक्ति है। ईश्वर सब कुछ देखता है और हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल जरूर मिलता है। इसलिए सच्चाई और प्रेम के रास्ते पर चलना ही जीवन का सही मार्ग है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां #Mera Dukh Jab Dekhegi Naa Bhooleye, ✍🏻#Write Halendra Prasad

जब हम स्वार्थ और तृष्णा से ऊपर उठकर निष्पक्ष और निर्मल दृष्टि से संसार को देखेंगे तब मनमस्ति और मुक्ति का अनुभव होगा क्योंकि स्वार्थ और लालसा जीवन को उलझाते हैं व्यक्ति अपनी इच्छाओं और मोह में फंसकर असली आनंद और शांति से दूर हो जाता है अवलोकन का दृष्टि अपनाना आवश्यक है क्योंकि स्वार्थ पक्षपात और मोह से ऊपर उठकर देखना ही मन को वास्तविक आनंद मनमस्ति देता है माया और लालच भ्रम फैलाते हैं वे अंदर की शक्ति बुद्धि और आत्मिक प्रकाश को ढक देते हैं।जीवन का उद्देश्य आत्मिक जागरण है और ज्ञान आत्मा का प्रकाश है और जीवन का दिव्य गुण ही असली सुख हैं।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मनमस्त हो जाएगा जब तुम निरेखा करोगे, #Manmast Ho Jayega Jab Tum Nirekha Karoge, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति रचना, सूर्य के तीन रूप और जीवन का दर्शन संतुलन ही शाश्वत सत्य, Surya Ke Teen Roop Aur Jeevan Ka Darshan Santulan Hi Shashvat Saty,

ये जीवन अनेक रंगों से भरा है, इसलिए हर परिस्थिति को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना ही जीवन का सार है। इस गीत के माध्यम से जीवन की सच्चाई को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कवि बताते हैं कि जीवन एक आंधी की तरह है, जिसमें सुख-दुःख, हँसी-आँसू, आशा-निराशा जैसी सभी भावनाएँ आती-जाती रहती हैं। जैसे समुद्र की लहरें उठती और गिरती हैं, वैसे ही जीवन में भी परिवर्तन लगातार होता रहता है।कवि माँ को प्रकृति और सृष्टि की शक्ति के रूप में देखते हैं, जो मनुष्य को हर अनुभव से परिचित कराती है कभी खुशी देती है तो कभी दुःख। जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है, सब समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है।क्योंकि की मनुष्य को संघर्षों के बीच आशा, धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए। निरंतर अभ्यास और मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति रचना भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, आती जाती है सब बातें इस जीवन के आंधी में, #Aati Jati Hai Sab Bate Is Kivan Ke Aandhi Mem, Writer ✍️ #Halendra Prasad,