भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, यहां हीन है विराम तुम विश्राम ना करो, Yanha Hin Hai Viram Tum Vishram Naa Karo, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #यहां हीन है विराम तुम विश्राम ना करो
#Yanha Hin Hai Viram Tum Vishram Naa Karo
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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करते जाओ निज कर्म तुम अब आराम ना करो
यहां हीन है विराम तुम विश्राम ना करो
नश्वर शरीर है एकदिन मिट्टी में मिल जाएगा
नष्ट होगा तन मन सब धुली में समाएगा
क्या लेकर आए हो तुम किसके लिए रोते हो
दुनियां दिखावा है तुम काहे लिए सोते हो
ॐ ओंकार का महान नाद सुनो
उठकर हृदय में रखलो बात तनिक बूझो
मंत्र महादेव का भाई सबको जगाता
खोल देता आंखे उनकी जिनकी प्रेम मुरझाता
करते जाओ निज कर्म तुम अब आराम ना करो
यहां हीन है विराम तुम विश्राम ना करो
अपनी झंकार को सुनो मन को समझाओ
भगवन का पुकार करो दिल को बचाओ
तप के बल से ही मिलता बल बुद्धि विद्या
अग्नि से मिलता है चंचल मनको सब आज्ञा
तन को आहुति देदो कर्म को पसार कर
भेद भाव मिटादो सब आत्मा में उतार कर
चेतन को जाग्रत करलो प्रभु को पुकारो
विराट दिलको अजगर करलो जीवन को तुम तारों
साधना करो तुम अपने हृदय को मना कर
भगवन का तारीफ करो दिल को बिछाकर
करते जाओ निज कर्म तुम अब आराम ना करो
यहां हीन है विराम तुम विश्राम ना करो
खोलदो तुम द्वार यज्ञ का ध्यान में रम जाओ
करो पूजा पाठ तुम व्यवहार को बनाओ
ठौर पौर हिल मिल लागे महल को सजादो
सर को झुकाकर भाई विनती पर चढ़ादो
सकल बन्धु वर सबको प्यार से बुलालो
कर्म को सालम करो भारत बता दो
होम हवन बीच में सब जल जाए नीच
दुःख का दुराही भागे मिल जाए मीत
हो कर अचेत दुख जड़ से मिट जाएगा
जल जाएगा पीड़ा मन से जीवन खिल जाएगा
करते जाओ निज कर्म तुम अब आराम ना करो
यहां हीन है विराम तुम विश्राम ना करो
गीत =} #यहां हीन है विराम तुम विश्राम ना करो
#Yanha Hin Hai Viram Tum Vishram Naa Karo
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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