भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन, मैं हूँ निर्धन अभागा मुझे क्यों बिसेरती हो माँ, Mai Hun Nirdhan Abhaga Mujhe Kyo Biserati Ho Maa, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #मैं हूँ निर्धन अभागा मुझे क्यों बिसेरती हो माँ
#Mai Hun Nirdhan Abhaga Mujhe Kyo Biserati Ho Maa
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hridy_Meri_Maa❤️🙏
#MereGeet- ❤️❤️❤️👮♂️ #मेरेगीत- ♥️
की अपने शरणो से मुझको क्यों धकेलती हो माँ
मैं हूँ निर्धन अभागा मुझे क्यों बिसेरती हो माँ
विभव तुम्हारा माता निर्वासन से खेले
दलित दरिद्र हीन को क्यों नाही छोड़े
तेरे चरणों में माता जिन्दगी घुलाया
लिन हुआ धूल में मैं अपने को मिटाया
आवो मेरे घर में माता जिन्दगी सजाओ
ऋण को मिटा दो सरसे प्राण लेके जाओ
सब कुछ समर्पित किया तेरे चरणों में माँ
लिख दिया जीवन सारा तेरी खिदमत में माँ
की अपने शरणो से मुझको क्यों धकेलती हो माँ
मैं हूँ निर्धन अभागा मुझे क्यों बिसेरती हो माँ
क्यों फेंकती हो नीचे अपनी आंचल से
बांध देंगे हमको सब लोग अपनी घड़ी से
साधते है बदला लोग जिनको तुमने फेंका
रचते हैं पल पल रचना जिसको लोग हभेखा
अज्ञान की प्रसार में माता मै मारे जाऊं
साथ तेरी छूटेगी माँ मैं टूट जाऊं
रखते छिपाकर जैसे मैं चोर डाकू हूँ
मारे तन पे चोट जैसे मैं कितना शातिर हूँ
हृदय की पुकार माता सुन मोर विरह को
तड़पें मोर जीयरा जैसे काट दिया तन को
की अपने शरणो से मुझको क्यों धकेलती हो माँ
मैं हूँ निर्धन अभागा मुझे क्यों बिसेरती हो माँ
तेरे मंगल से ढक्कर मैं सुख में जीता हूँ
धन का व्यवधान ना दिल से मैं कहता हूँ
सत्य है शताब्दी माता तेरी दुनिया की
सर पे मैने रखा है तेरी कृपा की
आसमान की भार माता अखियों से दिखे
नर और नारायण माता मन को मेरे खींचे
प्रेम की पवित्र जल से तूने मुझे सिंचा
छोड़ दिया तूने मुझको दिलंका मेरा पीछा
तड़प हमारी तुझसे कहती है बिलख के
दे दे मुझको दर्शन माता जिन्दगी के सत से
की अपने शरणो से मुझको क्यों धकेलती हो माँ
मैं हूँ निर्धन अभागा मुझे क्यों बिसेरती हो माँ
गीत =} #मैं हूँ निर्धन अभागा मुझे क्यों बिसेरती हो माँ
#Mai Hun Nirdhan Abhaga Mujhe Kyo Biserati Ho Maa
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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