भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, जैसे बहती है ये नदिया वैसे जीवन बहता, Jaise Bahati Hai Ye Nadiya Vaise Jiwan Bahata, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #जैसे बहती है ये नदिया वैसे जीवन बहता
#Jaise Bahati Hai Ye Nadiya Vaise Jiwan Bahata
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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जैसे बहती है ये नदिया वैसे जीवन बहता
चलो धर्म के ना विपरीत यही धारण कहता
हिल मिल के रहो सब लोग करो ना बवाल
भारत है महान भाई दिव्य का स्थान
राम कृष्ण बुद्ध नानक यहां पर जब आए थे
धरती माँ की आंचल में ये दुनिया बसाए थे
रण की धारा में गांवों ना विजय का तुम गान
मधुर मन में चहके बोली कोकिल का स्वभाव
काहे को उन्माद में भरे हो भावना को संभालो
मन की कल्पना को परिवर्तन को विचारों
जैसे बहती है ये नदिया वैसे जीवन बहता
चलो धर्म के ना विपरीत यही धारण कहता
सोच सामाजिक मेलजोल अच्छी तुम बनाओ
जीवन के प्रवाह में तुम नदी को सजाओ
मरु पथ को भेदन करदो जीवन को जलाओ ना
आखों में अच्छाई भरलो मन को बहकाओ ना
शैल पथ पे चलकर तुम सबको जगाओ
सागर जैसा ज्ञान रखो सबको बहलाओ
जो भी मानव आता है उसको बताते जाओ
बुरी आदत बुरी होती उसको समझाते जाओ
अपने को बनालो ऐसा सब कुछ समाए
पाने वाला पावे फिर भी कमी ना हो पावे
जैसे बहती है ये नदिया वैसे जीवन बहता
चलो धर्म के ना विपरीत यही धारण कहता
दूरी ना बनाओ तुम पास सबके जाओ
वाणी है विचित्र उनकी उनको समझाओ
कर दो पवित्र उनको मिलकर एकबार देखो
मृदु स्वर बोलो उनको प्रेम भरके देखो
अपने ही भाव से तुम एकबार उनको बोलो
रुद्र बिन बजाकर भाई उनको सहेजो
करो ना तुम घृणा भाई दूर दूर रहके
चतुर कुशल हो तुम जीवन के संदर्भ में
तोड़ी दो जटिल तुम बंधन जरा मुस्कुराओ
मन में समा कर भाई सबको हंसाओ
जैसे बहती है ये नदिया वैसे जीवन बहता
चलो धर्म के ना विपरीत यही धारण कहता
गीत =} #जैसे बहती है ये नदिया वैसे जीवन बहता
#Jaise Bahati Hai Ye Nadiya Vaise Jiwan Bahata
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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