भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, चोटी उसकी खिली है क्यों दुखा जाते हो, Choti Uski Khili Hai Kyo Dukha Jate Ho, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #चोटी उसकी खिली है क्यों दुखा जाते हो
#Choti Uski Khili Hai Kyo Dukha Jate Ho
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hridy_Meri_Maa❤️🙏
#MereGeet- ❤️❤️❤️👮♂️ #मेरेगीत- ♥️
देखकर दुःखका विशाल लाल क्यों मुरझा जाते हो
चोटी उसकी खिली है क्यों दुखा जाते हो
जलना होगा एकदिन सबको अन्तर से समेत कर
सत्य है यथावत भाई भाग्य में लपेट कर
हे मेरा मन सुनो क्यों तू उन्मन हो
बल बुद्धि तेरे पास क्यों तू गबन हो
लाज शर्म भय करो विनाश ना दिखाओ
लांछन को मारो तुम शक्ति दिखाओ
दुखका बिहान होगा सुख दौड़ी आयेगा
जागेगा विशाल रोशनी जिन्दगी सजाएगा
देखकर दुःखका विशाल लाल क्यों मुरझा जाते हो
चोटी उसकी खिली है क्यों दुखा जाते हो
जैसे रात जाती है सूरज चली आता है
जागती है जननी होंसला फूल खिल जाता है
दुनियां में सारे लोग बन्धु भाई होते
कोई निर्धन कोई राजा कोई ग्यानी होते
पतित नापाक को तुम पास में बुलाओ
दूर करो निन्दा उसकी भार को उतारो
मंगल घटको भरलो भाई हृदय को जगाओ
सिंचो माँ के नाम से तुम अभिषेक को चढ़ाओ
सबको पुनीत करदो गंगा जल छिड़को
ममता से धोदो दिलको उसके दुखको समझो
देखकर दुःखका विशाल लाल क्यों मुरझा जाते हो
चोटी उसकी खिली है क्यों दुखा जाते हो
मन में समाया है जो उसको निकलो
करदो महान कर्म को बुराईं को बहारों
देखो जरा चांद को तुम कैसे जगमगाता है
जलता है सूरज फिर भी रोशनी बिखराता है
तारे टिम टिमाते रात भर दिन में छुप जाते है
बरसे मेघ छम छम छम हरियाली को बुलाते है
दिन दयालु साधु प्रेम का है सरगम
स्वर के मिठास में बजे देखो उसका मर्दन
हँसी को बुलाता कभी कभी वो रुलाता है
कभी कभी रुश जाता पसीना को टपकता है
देखकर दुःखका विशाल लाल क्यों मुरझा जाते हो
चोटी उसकी खिली है क्यों दुखा जाते हो
गीत =} #चोटी उसकी खिली है क्यों दुखा जाते हो
#Choti Uski Khili Hai Kyo Dukha Jate Ho
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